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छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग की अधिसूचना क्रमांक
एफ 10-3-/13/2--1 रायपुर दिनांक 20-7-2001 के द्वारा माध्यमिक शिक्षा मण्डल,
भोपाल के अधिनियम एवं विनियम 1. मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम 1965
2. मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल का विनियम को समस्त अधिनियम में शब्द
मध्यप्रदेश जहां कहीं भी आया हो के स्थान पर छत्तीसगढ़ स्थापित कर इस मण्डल
का संचालन किया जा रहा है।
अतः कोबसे से समस्त सम्बद्ध बोर्ड/काउन्सिल से इस मण्डल द्वारा संचालित परीक्षाओं से समतुल्य मान्यता देने हेतु अनुरोध भी किया गया है । छत्तीसगढ़ राज्य में अभी व्यावसायिक परीक्षा मण्डल का गठन नहीं हुआ है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा संशोधन अध्यादेश 2002, क्रमांक 4 सन् 2002 दिनांक 8-6-2002 छत्तीसगढ़ राजपत्र दिनांक 10 जून 2002 में प्रकाशित के अनुसार ऐसी व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिये संयुक्त प्रवेश परीक्षा संचालित करना जो राज्य शासन द्वारा सौंपी जावे के अनुसार वर्ष 2002 में पीईटी/पीएमटी एवं वर्ष 2003 में पीएमटी प्रवेश परीक्षाएं संचालित की गई। मण्डल कार्यालय का नवीन विस्तार भवन 72.5 लाख की लागत से निर्माण कराया गया है जिसमें अध्यक्ष/सचिव महोदय के कक्ष एवं सभागार वातानुकुलित निर्मित किये गये हैं। नवीन प्रदेश की राजधानी मुख्यालय में कर्मचारी/अधिकारियों के निवास की भीषण समस्या को दृष्टिगत रखते हुये 42 आवास गृह 1 करोड 75 लाख रुपये की लागत से निर्माण कराया गया है, साथ ही मण्डल में विद्योचित गतिविधि के लिये आमंत्रित शिक्षाविद, प्रदेश के शिक्षकगणों के ठहरने की सुविधा हेतु सुसज्जित शिक्षक सदन (विश्रामगृह) की व्यवस्था पूर्व से ही है। प्रदेश के सुदूर अंचल में निवासरत सुविधा विहीन छात्र/छात्राओं को अध्ययन की सुविधा के लिये हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी/डीएड की परीक्षाओं में पत्राचार पाठ्यक्रम के माध्यम से अध्ययन की सुविधा प्रदान की जा रही है। पत्राचार पाठ्यक्रम के माध्यम से सम्मिलित होने वाले छात्रों को दी जाने वाली अध्ययन सामग्री का निर्माण कार्य शालाएं आयोजित कर सरल भाषा में तैयार करवाकर उपलब्ध कराई गई है। मण्डल कार्यालय को पूर्णरुपेण कम्प्यूटरीकृत किया गया है, इस हेतु 15 कम्प्यूटर क्रय कर साफ्टवेयर तैयार करवाकर मण्डल का समस्त महत्वपूर्ण परीक्षा, गोपनीय, वित्त, अभिलेख शाखा का कार्य कम्प्यूटर द्वारा करवाया जा रहा है, मण्डल द्वारा आयोजित प्री मेडिकल टेस्ट परीक्षा का परीक्षाफल 20 दिवस की अल्पावधि में घोषित कर चयनित छात्रों की सूची छत्तीसगढ़ शासन को सौंपी गई एवं मण्डल द्वारा हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी परीक्षाओं का परीक्षाफल देश में सबसे पहले घोषित किया गया। मण्डल में सुसज्जित 3000 पुस्तकों की एक लायब्रेरी की व्यवस्था की गई है, जिसमें विद्योचित गतिविधियों के उपयोग की पुस्तकें क्रय की गई है। मण्डल कर्मचारियों के कल्याण हेतु एक निश्चित राशि का प्रवधान मण्डल के बजट में किया गया है । कर्मचारी प्रतिनिधियों के द्वारा प्रस्तावित कर्मचारी कल्याण कार्य हेतु यह राशि व्यय की जाती है । मण्डल के पारिश्रमिक कार्य की राशि में से शिक्षकों से 2 प्रतिशत का कटोत्रा कर शिक्षक कल्याण कोष की स्थापना की गई है, यह राशि शिक्षकों के कल्याण हेतु व्यय की जावेगी। मण्डल की मान्यता प्राप्त शालाओं को फर्नीचर क्रय करने हेतु अनुदान के रुप में दिये जाने हेतु 10 लाख रुपये का प्रावधान वर्ष 2003-2004 के बजट में रखा गया है । इस मद से चयनित शालाओं को 25,000/- पच्चीस हजार रुपये प्रति शाला के मान से फर्नीचर अनुदान दिया जा रहा है। हमने अल्प समय, साधन एवं सुविधा के अभाव में भी प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप प्रदेश की जनता, विद्यार्थियों, शिक्षकों की मंशा के अनुरूप सेवा करने का भरसक, अथक प्रयास किया एवं हम इस प्रतिस्पर्धायी युग की दौड़ में देश के अन्य मण्डल/बोर्ड/काऊँसिल के अनुरुप सेवा करने हेतु कृत संकल्पित हैं...
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